Tuesday, September 2, 2014

शायद

तुम आज हो,

शायद,
शायद,

कल न रहो,

मिलो,

शायद,
शायद,

न मिलो,

शायद,
कल शायद न रहे,

सिर्फ तुम हो, 
सिर्फ मैं हूँ 

शायद 
शायद,

जब तुम हो और मैं हूँ,
तब ये एहसास न रहे,

शायद रहे,

पर अभी मुझे ये शायद अच्छा लगता है,
शायद एहसास है, जो अच्छा लगता है,
एहसास है कि 
तुम हो,
मैं हूँ,
और हाँ 
एक शायद 

मेरा शायद,

जो शायद कभी न रहे,
बस तुम हो और मैं हूँ,

पर तब तक ये एहसास अच्छा लगता है,
हाँ  शायद, 
शायद  अच्छा लगता है। 



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