Tuesday, October 21, 2014

कर के तो देखो।

पूरी ज़िन्दगी मत गुज़ार देना सोने में,
मज़ा और भी चीज़ों में आता है,
कर के तो देखो।

शराब पी नहीं कि  ख़ुद  को दीवाना समझ बैठे,
नशा और भी चीज़ों में आता है,
कर के तो देखो।

कि पिछली बार आये थे,
तो बस एक रात के बाद अचानक चले गए थे तुम,
हाँ, सुबह मेरे दीवान के सिरहाने,
तुम्हारा चश्मा मिला था मुझे,
मैंने लगाकर देखा,
तो कहीं तुम नज़र आये मुझे,
धुंधले से, झिलमिल,
धुएं की तरह साफ़, पर ओझल,
अब, तुम जहाँ कहीं भी हो,
सब साफ़ दिखेगा तुम्हे,
मैं, तुम , हम तुम,
बस एक बार आँख बंद कर लेना,
मैं नज़र आऊंगा,
बस एक ही बार,
काम से काम, मुझे याद,
कर के तो देखो। 

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