Friday, April 22, 2016

लोग चाटते हैं

कितना दूर चला आया मैं,
बिकने इस बाजार में,
जहाँ निकला था सिर्फ पता करने,
कि  Rate क्या चल रहा है ?

आज छींकता हूँ,
तो लगती है कीमत,
तौलते हैं लोग 
बलगम भी तराज़ू में,

लोग चाटते हैं,
मैंने देखा है,

Advice यहाँ अक्सर बिकती नहीं,
Free है,
and is inversely proportional to licking.
जितना कम चाटोगे, उतना ज़्यादा मिलेगी,
टूटते हैं भाव, तक़दीर,
हौसले यहाँ कइयों के हर रोज़,
पर टूटता नहीं मैं,
बस जंग लगती रहती है, सतह पर तुम्हारे हाथ के पसीने से,

पर जंग लगे खन्जर तकलीफ़  देते हैं। 
काटते हैं कम, पर ज़ख़्म बड़ा होता है। - चेतावनी 

पर तुम कोशिश भी करना खूब और टूटूंगा भी नहीं,
because 

If you cannot make me, you don' know, how to break me.















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