Friday, June 23, 2017

उँगलियाँ चलाओ,
जैसे piano हो सामने ,
try करो,
 खाल हो, मांस से भरी,
imagine करो, 
dough सी दबे, हर बार 
तुम्हारे छूने पे,
पसीने में sheen हो, 
हाथों में rhythm,
और मूं बंद हो। 
... सिर्फ़ सुनो,
ऐसे वक़्त में सांसें 
बहुत interesting बातें करती हैं,



-प्रणव मिश्र







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