Monday, July 10, 2017

आख़री ८ (8) लाइनें

(कई सारी mediocre lines भूमिका बांधते हुए,)..  फिर,
" अकेला हूँ"...
..
..
ये लिखना नहीं चाह रहा,
पर उतर आया युहीं देखो,
जो कहना नहीं चाह रहा,
.. और जो कहना चाह रहा हूँ,
   वो शब्द नहीं मिल रहे,
   और जो करना चाह  रहा हूँ,
वो मौके।


-प्रणव मिश्र 

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