Tuesday, July 4, 2017

बेवजह

"let's fuck"
पिछली बार कौन था,
जिसने कहा हो तुमसे?
सिर्फ़...
बातें होतीं हैं layers में, अक्सर,
और आखरी परत के नीचे कहीं,
दबी बैठी होती है, एक line,
फिर कपड़ों के उतरने के बाद,
बोलो तो, charm नहीं रहता,
और थोड़ा जल्दी या थोड़ा देर से बोले कोई,
तो आदमी interest  खो देता है, ....
    .... तो बातें होती रहती हैं,
         पसीना बहता रहता है,
         साँसे फूलती रहती हैं,
         आदमी थकता रहता है,
   बेवजह।
और आखिर में जब तक शरीर टकराता है,
तो कुछ तो पसीना सूख जाता है,
और कुछ बातें कम पड़ जाती हैं,
फिर जो भी होता है, .... होता है,

   बेवजह।


-प्रणव मिश्र




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