Saturday, July 8, 2017

बाकी तो सब बातें हैं।


आदमी के,
taste का पता, 
क्या बेच रहे हैं,
से ज़्यादा कैसे बेच रहे हैं,
से लगता है। 
....
भीड़ के सामने,
सब glass रख कर नाच ही रहे हैं,
बेचने वाले भी नाच रहे हैं,
खरीदने वाले भी नाच रहे हैं,
बस glass उठाते ही,
नाचने से परहेज़ सबको है।

if you know, what I mean.


-प्रणव मिश्र


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