Friday, July 13, 2018

क्या मुलाक़ात थी वो

तुम्हें कुछ दूर से देखना था,
 उस रात, छुप कर उन्हें,..
दो लोग street lights के नीचे कहीं चले जा रहे थे।
लड़के ने काली पैंट पहनी थी,
सफ़ेद शर्ट पे नीली धारियां,
काले जूते, और एक घड़ी जो भी काली थी,..
(उस रात नहीं देखी गयी)

उस लड़की को उस रात,
उस लड़के की नज़र से देखना था तुम्हें,

दायीं तरफ़ आँख के उसके,
एक पीली dress का टुकड़ा था,
जो बार-बार आँखों के सामने तक,
उड़ता-उड़ता आता, मुस्कुराता,
और उसको follow करते करते,
नज़र उसकी नज़र से मिल जाती, हर बार,
होठ मुस्कुराते और वो चलते जाते।

तुम्हें छुप कर देखना था उन्हें उस रात,...
.. बगल से निकलती हुई गाड़ियों के शीशों के पीछे से,
लड़के के कन्धे पीछे थे,
और पैर नाप के पड़ रहे थे, हर बार ,
और लड़की बेपरवाह।
पर नहीं,..

.. उस लड़की को उस रात,
उस लड़के की नज़र से ही देखना था तुम्हें।

कैसे मुस्कुरा रही थी,
और बोलते वक़्त उसके होठ कैसे हिल रहे थे,
कैसे "रास्ता, साथ,समां" जैसे शब्द कहते वक़्त,
मुँह में मौजूद लार की वजह से....
... लफ्ज़ फिसल-फिसल कर निकल रहे थे।
उसका 'सा' हि इतना पूरा था,
कि और कोई नोट सुनाई ही नहीं दे रहा था,
वो कुछ कहती, तो बाकी के सुर वो लगाता, हर बार,
और वो चलते जाते।

कुछ दूर से देखना था तुम्हें, उन्हें उस रात,
पास की इमारत की सत्रवीं मंज़िल की खिड़कियों के पीछे से,
कैसे उड़ रहे थे बाल उसके,
हर बाल अलग tempo  में, फिर भी लयबद्ध,
कितने ख़ूबसूरत थे।
कैसे हर बार चलते-चलते,
वो ख़ुद पास आ जाते,
उंगलियां टकरातीं,
वो मुस्कुराती,
और लड़का मन ही मन तमाम कहानियां बनाता।
(उसकी आखों में दिख रहा था)
उसको लगता था कि वो कहानीकार है,
पर आज अपनी कहानी,
ख़ुद ही नहीं लिख पा रहा था।

लड़का 5'11" था, लड़की कुछ 5'8",

पर लड़की को तुम्हें उस लड़के की नज़र से ही देखना था उस रात।

कितना सुकून था, और दिल कितना बहल रहा था ,
वक़्त ठहर सा गया था,
और रास्ता ठहर ही नहीं रहा था ,
कितना कुछ महसूस हो रहा था,
कितना कुछ हो रहा था,
कितनी बड़ी आँखें थीं उसकी,
कि सब कुछ वो ही देख पा रही थी शायद,
लड़के को तो सिवाय उसके कुछ दिख ही नहीं रहा था।

कैसी रात थी वो, तुम्हें देखना था,
कुछ दूरी से छुप कर उन्हें,
कुछ तो बात थी, तुम्हें देखना था,
कुछ दूरी से छुप कर उन्हें,
कितने मशगूल थे वो दोनों,
कितने आज़ाद थे एक साथ,
क्या मुलाक़ात थी वो, तुम्हें देखना था,
कुछ दूरी से छुप कर उन्हें।



-मिस्रा 

1 comment:

  1. Thank you so much I posting this one. I searched through all poems in blog/ video/ Insta everywhere, loved it like anything

    ReplyDelete