Tuesday, July 17, 2018

अभी तो वक़्त भी नहीं हुआ,
अभी से क्यों कह दूँ ?... 
.. कि रात है।

अभी से क्यों डरूं ?

अभी से क्यों जलाऊं ?.. 
.. रूह मैं। 
अभी तो दिख रही है ज़िन्दगी। 

अभी से क्यों मरुँ ?



- मिस्रा 

 



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