Thursday, August 30, 2018

आख़िर हमने ढूढ़ लिया,
वक़्त लगा,
दिल टूटे,
हमको कितनो ने नोचा। 
... तुमको कितनों ने बदनाम किया,
कितना बुझता है दिल,
ये सुन कर,
तुम कितनी अकेली थी उस पल,
मैं कितना .. तन्हां था। 
कितना मुश्किल था,
बिना तुम्हारी साँसों के,
क्या जाने ...  कैसे ज़िंदा था ?

मैंने तुमको,
तुमने मुझको,
आख़िर हमने ढूंढ लिया। 




-मिस्रा 










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